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Yaari

इंदौर।

एक लड़की, जिसके बाल बॉयकट स्टाइल में छोटे-छोटे थे, वह साइकिल चलाते हुए एक बंगले के अंदर जाने लगी। लेकिन तभी सामने खड़े गार्ड ने उस लड़की को रोकते हुए कहा, "ओह मैडम, कहाँ जा रही हैं... ये कोई पार्क नहीं है।"

जिस पर उस लड़की ने उस गार्ड को घूरकर देखा और कहा, "अबे ऐ... नया है क्या तू? जानता नहीं मैं कौन हूँ? चुपचाप गेट ओपन कर।"

जिस पर उस गार्ड ने उस लड़की को घूरकर ऊपर से नीचे तक देखा और उस पर हँसते हुए बोला, "क्यों, कहीं की प्राइम मिनिस्टर हैं आप?"

वह लड़की कुछ कहती कि तभी अंदर से एक दूसरा गार्ड आया। उसने उस लड़की को देखा और जल्दी से कहा, "मैडम, आप..."

तब उस लड़की ने उस पहले वाले गार्ड की तरफ़ इशारा करते हुए कहा, "हाँ मैं... ये घोंचू मुझे अंदर नहीं जाने दे रहा है।"

तब उस दूसरे गार्ड ने पहले वाले गार्ड को थोड़ा डाँटते हुए कहा, "अबे ओय, आज ड्यूटी के पहले दिन ही अपनी जॉब से हाथ धोना चाहता है क्या? तू जानता नहीं है, छोटे बॉस की बेस्ट फ्रेंड हैं ये। बॉस ने अगर सुना कि तूने इन्हें आने से रोका है तो वो तेरी खाल उधेड़ देंगे।"

वह गार्ड घबरा गया और फिर उस लड़की की तरफ़ देखकर बोला, "सॉरी मैडम..." फिर गेट खोलते हुए, "आप जाइये।"

वह लड़की गार्ड से बोली, "फेस याद कर लो अंकल, क्योंकि मैं यहाँ रोज़ आती हूँ।" बोलकर वह लड़की साइकिल पर बैठकर उस बंगले के अंदर चली गई।

वह पैलेस, जो दिखने में बेहद सुंदर था और उतना ही बड़ा था, उस लड़की ने अपनी साइकिल पार्क की। यह लड़की है हमारी कहानी की हीरोइन आयरा – पतली-दुबली आयरा, जिसने वाइट टी-शर्ट के साथ ब्लू शर्ट और ब्लू डेनिम जीन्स पहना हुआ था। उसकी पर्सनैलिटी एक टॉमबॉय की थी। दूधिया रंग, गुलाबी होंठ, लेकिन चेहरे पर एक बचपना था।

आयरा सीधे बंगले के अंदर गई। अंदर हॉल में मिडिल-एज के आदमी-औरत अपनी चाय-कॉफ़ी एंजॉय कर रहे थे। आयरा ने उन्हें देखा और मुस्कुराते हुए कहा, "गुड मॉर्निंग अंकल एंड आंटी।"

ये थे विक्रम राठौड़ – इंदौर और भारत के सबसे बड़े उद्योगपति। इनकी पहुँच देश-विदेश तक थी। तो वहीं इनकी पत्नी थीं अनुषा राठौड़, जो कि अपने हस्बैंड की बिज़नेस एडवाइज़र थीं। अनुषा ने आयरा को देखा लेकिन उसे इग्नोर कर अपने मोबाइल में जो न्यूज़ देख रही थीं, उसमें लग गईं। वहीं विक्रम ने आयरा को बोला, "गुड मॉर्निंग बेटा।"

आयरा सीधा सीढ़ियों पर चढ़ गई।

सीढ़ियों पर चढ़ते हुए आयरा को देखकर विक्रम की पत्नी अनुषा ने सर हिलाते हुए कहा, "फिर आ गई ये लड़की... पता नहीं कब मेरे बेटे का पीछा छोड़ेगी।"

जिस पर विक्रम ने कहा, "अनुषा, तुम आयरा के लिए इतना बुरा क्यों सोचती हो? वह हमारे बेटे की बेस्ट फ्रेंड है।"

जिस पर अनुषा ने कहा, "अरे, बहुत देखे हैं ऐसे बेस्ट फ्रेंड। जब देखो तब मेरे बेटे से चिपकी रहती है। सुबह शुरू हुई नहीं कि इसकी शक्ल दिख जाती है।"

विक्रम ने सर हिलाया और कुछ नहीं बोला क्योंकि वह अपनी बीवी को अच्छी तरह जानता था।

इधर आयरा उस घर के थर्ड फ्लोर पर गई और सीधा एक कमरे में चली गई।

वो कमरा जो कि बेहद आलीशान था, पूरे कमरे का इंटीरियर बड़े खूबसूरती से किया गया था। उस कमरे के मास्टर बेडरूम में एक लड़का पीठ के बल सोया हुआ था। उसकी गोरी और चौड़ी पीठ दिखाई दे रही थी। आयरा जल्दी से बेड के पास गई और उस लड़के को देखने लगी। सोते हुए वह लड़का कितना मासूम लग रहा था। वह एक छोटे बच्चे की तरह क्यूट लग रहा था। उसकी घनी पलकें, माथे पर बिखरे मैसी हेयर, उसके गुलाबी होंठ उसे और लाजवाब बना रहे थे।

एक पल को आयरा हिप्नोटाइज़ हो गई। फिर उसने अपनी आँखों को झटका दिया और उस लड़के की नंगी पीठ पर अपने हाथ रखकर बोली, "अबे ओय, उठ! कितनी देर तक सोएगा?"

वह लड़का नींद में कुनमुनाकर अपनी करवट बदल ली। आयरा ने दोनों हाथ कमर पर रखकर बोली, "ये गधा घोड़े बेच के क्यों सो गया है?" फिर उसे पकड़कर उठाने लगी, "वी, उठ जा यार! हम अपनी रेस मिस नहीं कर सकते।"

लेकिन वी नहीं उठा। उल्टा उसने आयरा का हाथ पकड़ा, खींच लिया, जिससे आयरा वी के बगल में जा गिरी और उसने उसे पकड़कर सोते हुए बोला, "चुपचाप सो यार, नींद आ रही है मुझे।" यह कहते हुए वी आयरा के और नजदीक चला गया। वी का चेहरा आयरा की नेक के पास था। वो दोनों बेहद करीब थे, जिससे वी की गर्म साँसें आयरा के गले में जा रही थीं।

जिससे आयरा को ना जाने क्यों झुरझुरी सी महसूस होने लगी। एक पल को आयरा ने अपनी आँखें बंद कर लीं, लेकिन अगले ही पल उसने इस एहसास को झटक दिया और वी की पकड़ से छूटने की कोशिश करते हुए बोली, "साले कुम्भकरण की औलाद, छोड़ मुझे! आज हमारा मैच है, तू कैसे सो सकता है?"

जिस पर वी बेढंगे से आयरा के ऊपर आते हुए बोला, "मुझे कोई रेस नहीं करनी। गुड नाइट।" बोलकर वह फिर से सो गया। वी का सिर आयरा के सीने पर था, जिससे आयरा की धड़कनें तेज हो गईं। उसका चेहरा लाल हो गया था।

आयरा, वी की पकड़ से छूटने के लिए छटपटाने लगी, जिस पर वी ने आयरा को और अच्छे से पकड़ लिया और सो गया। आयरा वी के सामने नाजुक थी।

वी के सामने वह कहाँ टिक पाती? तब उसने रुँहासा मुँह बनाते हुए कहा, "वी, छोड़ो मुझे... इडियट, डफर, सांड कहीं के!"

वी ने आँखें बंद किए आयरा के कानों में कहा, "नहीं छोडूंगा।"

जिससे वी की गर्म साँसें आयरा के कानों में गईं और आयरा के कान लाल हो गए। आयरा के दिल की धड़कन बुलेट ट्रेन की तरह तेज हो गई और आयरा के रोंगटे खड़े हो गए थे।

तब आयरा ने वी को खुद से झटके से दूर किया क्योंकि वी ने अपनी पकड़ ढीली कर दी थी।

आयरा बेड से खड़ी हुई, अपने कपड़े ठीक किए और वी को घूरते हुए बोली, "वी, मैं लास्ट वार्निंग दे रही हूँ। तू उठ रहा है कि नहीं?"

लेकिन वी नहीं उठा। तब आयरा ने तकिया उठाकर वी को मारने लगी। वी गुस्से से उठा और उसने आयरा को तकिये से मारने लगा। दोनों के बीच पिलो फाइट हो गई थी। तभी दोनों के तकिए फट गए और उसकी रुई हवा में उड़ते हुए गिरने लगी।

वी और आयरा ने एक-दूसरे को देखा और हँसने लगे। वी आयरा से बोला, "मोटी कहीं की, तू फिर से मेरी नींद डिस्टर्ब करने आ गई..."

जिस पर आयरा ने दाँत दिखाते हुए बोला, "यार वी, आज रेस है और तू अभी तक सो रहा है। तुझे पता है ना, आज अगर तू नहीं गया तो हम हार जाएँगे।"

जिस पर वी ने मुँह बनाते हुए बोला, "मुझे नहीं करनी कोई रेस। तू हमेशा से ऐसे ही करती है। पंगे तू लेती है और मैच मुझे खेलना पड़ता है।"

तब आयरा ने वी को रिक्वेस्ट करते हुए बोला, "वी प्लीज़, प्लीज़... तू ये रेस कर ले ना। ये लास्ट टाइम है, इसके बाद पक्का लफड़े नहीं करूँगी।"

वी का मन तो नहीं था, लेकिन उसने आयरा को घूरते हुए कहा, "ओके... बट ये लास्ट टाइम है। इसके बाद नहीं करूँगा।"

यह सुनते ही आयरा खुश हो गई और कूदते हुए वी पर चढ़ गई। उसने वी के गालों पर किस कर दिया। आयरा वहाँ पर भी नहीं रुकी और वी के पूरे चेहरे पर किस कर दिया, सिवाय उसके होठों को छोड़के। आयरा बोली, "थैंक यू, थैंक यू, थैंक यू सो मच वी! तू ही मेरा सच्चा दोस्त है।"

बोलकर उसने वी के गालों पर फिर किस किया और अलग हो गई। वी उससे बोला, "बस कर नौटंकी कहीं की। ये बता, कितने की बैट लगी है?"

यह सुनकर आयरा ने कहा, "पूरे 50 हजार की। जीत गए तो उसकी बियर पार्टी करेंगे।"

वी इस वक्त छोटी लाइट ग्रीन कलर की निक्कर में था। वह अपने कमर पर हाथ रखकर बोला, "तू नहीं सुधरेगी... पता नहीं तुझसे मेरा पीछा कब छूटेगा।"

यह सुन आयरा ने बड़ी सी मुस्कान के साथ वी के हाथ को अपने कंधे पर डालते हुए बोली, "तू जहाँ, मैं वहाँ। मैं तो तेरी पूँछ हूँ, मैं तो तेरे पीछे-पीछे स्वर्ग भी चली जाऊँगी।"

तब वी ने अपने फेस पर शैतानी स्माइल की और आयरा का हाथ पकड़कर बोला, "तो चल, बाथरूम में साथ में नहा भी लेंगे।"

बोलते हुए वह आयरा को बाथरूम की तरफ़ खींचने लगा।

तब आयरा ने चीखते हुए कहा, "अबे वी, नहीं-नहीं! मैं नहा के आई हूँ। छोड़ मुझे..."

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